Sunday, November 6, 2011

अन्तराष्ट्रीय परिदृश्य पर राजनैतिक रूप से महत्वपूर्ण हो रहे नेपाल के तराई के जिलों में दूतावासों के द्वारा शुरू हो रहा है राजनैतिक खेल।

इसी वर्ष नेपाल के तराई के ही जिले के एक कार्यक्रम में पूर्व
भारतीय राजदूत को दिखाए गए थे काले झंडे। साथ ही कुछ
दिन पूर्व ही अमेरिकी दूतावास के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी ने इसी
इलाके का किया था दौरा।

नेपाल की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले तराई के इलाके के प्रमुख जिलेबांके के जिला मुख्यालय और मध्य-पश्चिम नेपाल के प्रमुख शहर नेपालगंज में 2 नवंबर बुधवार को आयोजितएक कार्यक्रम में नेपाल में भारत के राजदूत जयंत प्रसाद मुख्य अथिति के रूप में शामिलहुए थे। इस कार्यक्रम का आयोजन नेपाल पत्रकार महासंघ ने किया था। इस कार्यक्रम मेंभारतीय राजदूत जयंत प्रसाद ने धम्बोजी हाई स्कूल नाम के एक विद्यालय का उदघाटन भी कियाऔर साथ ही नेपाल पत्रकार महासंघ के सेमीनार को भी संबोधित किया। यह सारा कार्यक्रमउत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद से लगने वाली भारत-नेपाल सीमा से के करीब हुआ था। अपनेसंबोधन में श्री प्रसाद ने भारत और नेपाल के अटूट संबंधो के बारे में बताया और कहाकि भारत नेपाल के सम्बन्ध छोटे छोटे विवादों से नहीं बिगड सकते हैं। श्री प्रसाद नेनेपाल के प्रधानमंत्री की हाल में हुई आधिकारिक भारत यात्रा को भी सफल बताते हुए कहाकि प्रधानमन्त्री डॉ० बाबुराम भट्टाराई की इस यात्रा से न केवल पूर्ण रूप से सफल रहीवहीँ इस यात्रा ने संबंधो के नए द्वार भी खोले हैं। श्री प्रसाद ने नेपाली प्रधानमंत्रीके भारत दौरे पर किये गए समझौतों को लेकर नेपाल के माओवादी राजनैतिक गलियारों में होरही हलचल पर भी इशारा करते हुए कहा कि कुछ छोटी छोटी राजनैतिक बातें भारत-नेपाल संबंधोपर असर नहीं डाल सकता है।

नेपाल में भारत के राजदूत के इस तराई के इलाके में दौरे को काफी महत्वपूर्ण मानाजा रहा है और इसके कई अन्य निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि इसी वर्ष29 मार्च नेपालके तराई के ही जिले और इसी बांके जनपद के बगल के जिले बर्दिया में हुए कार्यक्रम मेंनेपाल में पूर्व भारतीय राजदूत राकेश सूद को नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) केकार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे। जबकि इस बार भारतीय राजदूत का सम्मान हुआ यह तबहुआ जब नेपाल पत्रकार महासंघ में माओवादी समर्थकों का दबदबा इस चुनाव से हो चुका है।भारत के राजदूत के तराई में हुए इस दौरे के इस बात में भी खास मायने निकाले जा रहेहै कि अभी कुछ ही दिन पूर्व अमेरिका के विदेश मंत्रालय के कूटनीतिक सुरक्षा विभाग केसुरक्षा अधिकारी केन्ट पी जॉन ने अपने कई अन्य साथियों के दल के साथ इसी इलाके मेंनेपाली अधिकारियों से मुलाकात की थी। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियोंसे बात करके तराई में सुरक्षा गतिविधियों के हाल चाल लिए थे। गौरतलब है कि नेपाल कीतराई के 25 में से 22 जिले भारत के साथ सीमा का साझा करते हैं। इसी को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालयके कर्मचारियों की गतिविधि के प्रतिउत्तर में भारतीय राजदूत का दौरा देखा जा रहा है।

भारत और चीन के मध्य बफर स्टेट के रूप में स्थित नेपाल के राजनैतिक हालात लगातारमहत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। एशिया की दो बड़ी आर्थिक और सामरिक महाशक्तियों भारत औरचीन के बीच पहले से नेपाल में प्रभाव जमाने की होड के बीच चीन के बढते प्रभाव के मद्देनजरअमेरिका ने भी नेपाल में अपनी पैनी नजर गडा दी है। जिससे भारत और नेपाल के बीच पुरानेरिश्तों से इतर अब नए तरीकों से संतुलन साधने की जरूरत समझी जा रही है। इसी को देखतेहुए नेपाल के तराई के यह इलाके जो मधेशी समुदाय के बाहुल्य के इलाके हैं। यहाँ इस प्रकारके दौरों के द्वारा कई नए समीकरण बनने और बनाने की कोशिश शुरू हो चुकी है।

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